नशा जवानों को मौत और तस्करों को सत्ता की गोद में बैठा रहा है ! – जितेन्द्र कुमार शर्मा

अटारी से ५३२  किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी को इस बार भी नाटकीय ढंग से  पाकिस्तान की साज़िश बता कर पेश किया जा रहा है और भारत के अंदर ही घर मैं बैठे समाज के दुश्मनों का नाम तक नहीं लिया जा रहा I ठीक है, पुलिस ने  नार्को-टेरर एंगल से जांच का दावा करते हुए तीन पाकिस्तानी नागरिकों के अलावा, साहिल खान, फारूक लोन और एक स्थानीय  एजेंट, आमिर नूर, कृष्णा नगर के अजय गुप्ता, 20 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कुछ आरोपी गुरदासपुर, तरनतारन, बटाला, अमृतसर और जम्मू-कश्मीर के बताये गए हैं।

एसएसपी (ग्रामीण) विक्रम जीत दुग्गल  के अनुसार ये सभी आपस में और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के साथ मिल कर तस्करी कर रहे हैं।

पकिस्तान का सरगना साहिल खान उर्फ मूसा खान है और पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों में उसकी अच्छी साख हैI भारत की तरफ  से  राजा रंजीत सिंह राणा उर्फ चीता को इस गरोह का मुखिआ बताया जा रहा है  जो तरनतारन में सराय अमानत खान का है और इस में कोई हैरानी नहीं कि यह कुख्यात ड्रग तस्कर राजा रंजीत सिंह राणा पुलिस की ग्रिफत में नहीं हैI

एक विशेष गौर करने वाली बात ये है कि एसएसपी दुग्गल की जांच में भारतीय सत्ताआसिनों  का बिलकुल  कोई ज़िकर नहीं हैI  ऐसा  होना  कोई  अचम्भे  की  बात  नहीं हैI यह हन्दुस्तानी जांच एजेंसिओं की  विशेषताओं के अनुरूप ही हैI

पकिस्तांन का होना तस्करों और उनके सत्ताधारी आकाओं के लिए उतनी बड़ी ग़नीमत है, जितना बड़ा अभिशाप ये हिन्दुस्तानी साधारण नागरिकों के लिए है और पुलिस के लिए एक आसान बहाना I हर बुराई और सामाजिक अपराध पाकिस्तान पर कितनी आसानी से थोपा जा सकता है इसे हम हर रोज़ सरकारी और ग़ैर सरकारी ख़बरों में देख सकते हैI अपने गुनाहों पर चादर डालने का इस से आसान तरिका क्या हो सकता  है?

हम जानते है कि पाकिस्तान हमारे युवाओं को नशीली दवाओं द्वारा अपना शिकार बना रहा है लेकिन हम यह भी जानते हैं कि वह  अकेला ऐसा कभी नहीं  कर सकताI हमारे देश के अंदर बैठे समाज के  दुश्मन जब तक पाकिस्तान की साज़िश में शामिल न हों कोई पाकिस्तानी हमें शिकार नहीं बना सकता I

पाकिस्तान के साथ ५५३ किलोमीटर लंबी हमारे  पंजाब के साथ लगती सीमा है। और इस सीमा के आर पार नशीले पदर्थों  की  बड़े पैमाने पर तस्करी आज से  नहीं बल्कि जब से यह सीमा वजूद  में  आयी  है तब से हर किसम का नाजाइज़ व्यपार इस सीमा पर हो रहा है और बहुबलिओं को और  अधिक बलवान    बना रहा है l उनको सत्ता के नज़दीक ही नहीं बल्कि राजनीति  में ला रहा है और सत्ता के सिहँसानों पर बिठा रहा है I

पंजाब सरकार ने  जुलाई 2018 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत ‘विशेष श्रेणी’ का दर्जा मांगा था I

राज्य  और राष्ट्रीय सरकार  एक दूसरे पर नशीले पदार्थों के आतंकवाद से निपटने की ज़िम्मेदारी डालती रहती हैंI कोई कारगर और ठोस कदम तस्करी को रोकने के लिए और देश के अंदर बैठे और देश के ऊपर बाहर से आघात करने वाले शत्रुओं  को एक जुट हो कर नष्ट करने को त्यार नहीं हैं I

५३२  किलोग्राम हेरोइन, अनुमानित  2,७००  करोड़ रुपये, और एक अन्य ५२  किलोग्राम मिश्रित नशीले पदार्थ, भारत में  मादक पदार्थों की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा  रही है और इसे  खूब उछाला भी  जा रहा है । यह भारी खेप  अटारी सीमा के पार बिना किसी बाधा के आयी जबकि पाकिस्तानी पक्ष के पास  इसका पता लगाने के लिए स्कैनर हैं -भारत के  अधिकारिओं ने कभी स्कैनर के बारे में सोचा ही नहींI

यह भारी भरकम्प खेप तो लगता है केवल हिमशैल का एक सिरा है क्योंकि यह धंधा तो दिन रात चलता है, आज से  नहीं  दशकों से l

स्वर्गीय बीरबल नाथ, आईपीएस, एक प्रतिष्ठित पुलिस अफसर  थे,आईजी हरियाणा थे और उच्च पदों पर भी कार्यरत रहे । वह १९७९  में मुझे मिलने आये l तब  मैं जनता पार्टी की राजनीति में सक्रिय था और ४ कालिंदी कॉलोनी, नई दिल्ली में रहता थाl

उन्हों ने मुझे बताया कि उनकी सबसे बड़ी निराशा यह है कि वह एक तस्कर के खिलाफ कुछ नहीं कर पा रहे है जो केवल २ किमी दूर रहता था जहाँ ४ कालिंदी कॉलोनी, नई दिल्ली में हम बैठे थे और बात कर रहे थे।

आज भी, ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं जो ताकतवर राजनेता-नौकरशाह-व्यवसायी सांठगांठियों से जुड़े तस्करों के  सामने असहाय हैं।

हरियाणा, केवल कुछ दशक पहले, सरल जीवन शैली और पौष्टिक भोजन के लिए जाना जाता था। दूध, दही, मलाई, घी और कड़ी मेहनत हरियाणवी लोगों की मुख्य विशेषता थी। ड्रग्स और नशीले पेय, हरियाणवी संस्कृति को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। नशियों की बढ़ती संख्या से परिवारों का स्वास्थ्य और  खुशहाली नष्ट हो रही है।

भाजपा सरकार ने हिंदू संस्कृति की रक्षा और बढ़ावे के अपने दावों  को बार बार  दोहराया है लेकिन समाज के भीतर बैठे दुश्मनों को दंडित करने के लिए कुछ नहीं किया है। वास्तव में, खट्टर सरकार के तहत मादक पदार्थों सेवन और खतरा हरयाणा प्रदेश में  अधिक   और भयानक होता जा रहा है।

भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए मोदी सरकार तत्पर है  लेकिन ड्रग तस्करों के खिलाफ स्पष्ट रूप से कोई सख्त कदम नहीं उठI रही है।

ड्रग तस्करी, हमारे विचार में, भारत के लिए  बैंकरों और नौकरशाहों के भ्रष्टाचार से  भी कहीं  बड़ा खतरा है। सरकार को ड्रग तस्करी और ड्रग पेडलिंग के लिए शून्य सहिष्णुता दिखानी चाहिए। हम ड्रग फ्री हरियाणा और ड्रग फ्री इंडिया चाहते हैं।

अगर मोदी सरकार ने भारत को कांग्रेस मुक्त बनाने के लिए किए गए प्रयासों का एक थोड़ा सा हिस्सा भारत को नशामुक्त करने के लिए अधिक किया होता, तो भारत कितना स्वस्थ और खुशहाल होता!

­– जितेन्द्र  कुमार  शर्मा

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